चिकित्सा विज्ञान से गर्भवती महिलाओं को मिलेगा बीमारी से आराम

गर्भवती महिलाओं को योगासन के माध्यम से स्वास्थ्य रक्षा की मिली जानकारी

पीएचसी में हुआ स्वास्थ्य मेला का आयोजन दिये गये विभिन्न जानकारियां

पेशाब रास्ते से बच्चेदानी बाहर निकलने से रोकता है सेतूबंधासन__योगाचार्य गुड़ाकेश

भगवानपुर संवाददाता विजय भारती

भगवानपुर (बेगूसराय) प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित पीएचसी के प्रांगण में आयुष्मान भारत के चौथे वर्षगाँठ पर योग चिकित्सा मेला का आयोजन किया गया। जिसका विषय था योग चिकित्सा विज्ञान से गर्भवती महिलाओं का सम्पूर्ण स्वास्थ्य रक्षा, लू से बचाव तथा चमकी बुखार का निदान करना। जिसमें उक्त पीएचसी के पोषक क्षेत्र से दर्जनों गर्भवती महिलाओं ने इस योग चिकित्सा विज्ञान कार्यक्रम में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ लिया।

गर्भवतियों का योग चिकित्सा विज्ञान द्वारा चिकित्सा करते हुए प्रसिद्ध योग गुरु योगाचार्य गुड़ाकेश कुमार ने कहा कि आकाश, जल, जमीन और जमीन के अंदर रहने वाले सभी जीवों में सबसे ज्यादा बुद्धिमान मानव जीव ही है। परंतु आश्चर्य यह कि सभी जीवों से ज्यादा बीमार भी मानव ही है। योग हमें प्रकृति से जोड़ कर रखती है। सभी पशु पक्षियाँ प्रकृति से गहराई से जुड़े हैं।

इसलिए किसी मादा पशु को प्रसव होते समय पर बड़ा तो दूर छोटा ऑपरेशन भी नहीं होता है बल्कि सहज प्राकृतिक प्रसव हो जाता है। योगाचार्य गुड़ाकेश ने सभी गर्भवती महिलाओं को पवनमुक्तासन भाग-1, तितली आसन, नौकासंचालन करवाते हुए कहा कि इससे गर्भवतियों को जाँघ, घुटना, कमर, पीठ, कंधा और पेट दर्द से राहत मिलता है। वहीं कब्ज गैस्टिंग और पाचन क्रिया तंदुरुस्त रहता है।

नाड़ी शोधन प्राणायाम प्रथम व द्वितीय, भ्रामरी प्राणायाम गर्भवती द्वारा प्रथम से नौ माह तक निरंतर योगाभ्यास करने से बच्चे भैंगा, गुँगा, बहरा या पैर से दिव्यांग पैदा नहीं लेता है। प्रसवकाल में भी पीड़ा कम होता है। साथ ही बच्चा जच्चा स्वस्थ रहता है। बच्चा जच्चा मृत्यु दर भी नहीं के बराबर रह जाता। वहीं योगाचार्य ने हिट वेव के साथ बिहार में फैल रही बच्चों की बीमारी जापानी इंसेफलाइटिस (चमकी बुखार) से बचाव के लिए शीतली प्राणायाम और सीतकारी प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन पीएचसी प्रबंधक जितेन्द्र कुमार व योगाचार्य डॉ गुङाकेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर डाटा ओपरेटर अमित कुमार, अभिषेक कुमार, एएनएम अनिता देवी, मंजू कुमारी, बेबी कुमारी, रीमू कुमारी, बीसीएम प्रियंका कुमारी, पुनम कुमारी, सुजाता कुमारी, बीमला कुमारी,डाक्टर राजेश भारती, कुमारी नूतन, रंजना राय, गुड्डी कुमारी, रंजू कुमारी, बंदना कुमारी, सुलेखा कुमारी, अंजु कुमारी समेत दर्जनों आशा बहु उपस्थित थे।