जल ही जीवन है फिर भी अपना जीवन को ही खतरे में पहुंचा रहें मनुष्य
भगवानपुर से विजय भारती की रिपोर्ट
भगवानपुर (बेगूसराय) जल ही जीवन है और इसका संरक्षण हमारा कर्तव्य है। भोजन के बीना तो हम दो चार दिन रह सकते हैं, लेकिन जल के बीना जीवन एक पल भी नहीं टिकता। आज़ जल प्रदूषित होने के कारण सरकार अपनी महात्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में जनसंख्या के हिसाब से नल जल योजना को मूर्त रूप दिया है।

ताकि हर नागरिक को जीवन रक्षा के लिए स्वच्छ जल की आपूर्ति हो सके लेकिन आधुनिक लोग उसका समूचित उपयोग न कर उसका दुरूपयोग तो करता ही है, वहीं उसके संरक्षण की बात को सिरे से खारिज कर देते हैं । इसी का एक सुन्दर नमूना प्रखंड क्षेत्र के बनवारीपुर पंचायत के चकदुल्लम गांव स्थित वार्ड 14 में लगा नल है जो सुबह शाम जब जल का सप्लाई होता है तो उक्त नल से बेवजह पानी गिरता रहता है।

जिसे न जमीन के मालिक रामकरण चौरसिया पानी रोकने के लिए नोज़ल लगा रहें हैं और न ही कम्पनी, विदित हो कि उक्त योजना का निर्माण पीएचडी के द्वारा हुआ है। ऐसा पड़ोसी बबलू का कहना है और उन्होंने यह भी कहा कि इसकी व्यवस्था प्रशासन को करना चाहिए। ऐसा नहीं है कि इस तरह पानी की बर्बादी सिर्फ यहां ही हो रहा प्रखंड क्षेत्र के कई अन्य वार्ड में भी इस तरह जल की बर्बादी हो रही है हम ये भी कह सकते हैं कि इस महत्वपूर्ण योजना स्वच्छ नल-जल योजना लोगों के जागरूकता के बगैर बेकार साबित हो रही हैं।

