मैथिली काव्यगोष्ठी हमें अनन्त ऊंचाई तक ले जाने को संकल्पित हैं-डा, कमलकांत झा

भगवानपुर से विजय भारती की रिपोर्ट

भगवानपुर (बेगूसराय)श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर आलापुर में आयोजित दस दिवसीय जानकी जन्म महोत्सव के सातवें दिन शायंकालीन सत्र में डा, अनिल पतंग जी के अध्यक्षता में भव्य मैथिली काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन करते हुए हिन्दी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत डा कमलकांत झा ने कहा कि जानकी नवमी के पूर्व संध्या पर आयोजित यह भव्य मैथिली काव्यगोष्ठी हमें ऊंचाई तक ले जाने में सक्षम हैं।आज मैथिली साहित्य काफी सक्षम हैं, हमें अनन्त ऊंचाई तक जाना है

मैथिली काव्यगोष्ठी दो सत्रों में आयोजित किया गया, प्रथम सत्र,जो सम्मान का सत्र था, का संचालन मिथिला सेवी प्रो पी के झा प्रेम ने किया। उक्त सत्र में सभी आगत अतिथियों का सम्मान रामायणी राम उद्गार चौधरी,सुरेश कुमार पासवान आदि ने मिथिला परम्परा के अनुसार चादर पाग प्रस्तित पत्र तथा मानस की प्रति भेंट किया।द्वितीय सत्र में सर्व प्रथम मिथिला सेवी डा, परमानंद लाभ जी लिखित पुस्तक भूमिजा का लोकार्पण उपस्थित अतिथियों के करकमलों से संयुक्त रूप से किया।उसके पश्चात डा लाभ के संचालन एंव दिलीप कुमार झा के संयोजन में भव्य मैथिली काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया।

जिसमें मिथिला के जयनगर से डा कमलकांत झा,डा, नारायण यादव, दरभंगा से प्रियंका झा, रामबिहारी झा, मधुबनी से दिलीप कुमार झा, बेनीपट्टी से कमलेश परेमेनदर,बाबूबरही से प्रो प्रितम निषाद, समस्तीपुर से डा,पी एन लाभ, प्रो सत्संग भारद्वाज, प्रिती प्रियदर्शिनी, सुप्रीया कुमारी, बेगूसराय से डा, अनिल पतंग, श्याम नंदन निशाकर, खगड़िया से रागिनी झा आदि ने देर रात तक अपने सुमधुर कविताएं सुनाते रहे और श्रोता आनन्द उठाते रहे।

इस अवसर पर स्थानीय लोगों के अलावे अतिथियों में रुबी गौडी, गुंजन पाण्डेय,शुशांत चन्द्र मिश्र,मनीष कुमार, बीरेंद्र कुमार,अरुण कुमार चौधरी,सोनु कुमार, सीताराम चौधरी, हरिद्वार मिश्र, अजीत चौधरी,कौशल चौधरी,भूषण चौधरी,, स्वाती कुमारी, खुशी कुमारी ईश्वर चंद्र विद्यासागर आदि उपस्थित थे ‌