भगवानपुर से विजय भारती की रिपोर्ट
भगवानपुर (बेगूसराय)श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर आलापुर में आयोजित दस दिवसीय जानकी जन्म महोत्सव के आठवें दिन दूसरे सत्र में प्रथम मिथिला मानस पाठ प्रतियोगिता के बेगूसराय जिला स्तरीय चयनित छात्रों को संबोधित करते हुए मिथिला मंथन के संरक्षक आचार्य संजय शास्त्री ने कहा कि मिथिला के सभी बच्ची मां सीता की प्रतिक रुप है। इन्हें हम उसी भाव से सम्मान दें।हमारा कल्याण सुनिश्चित हैं, स्वयं प्रभु राम को मिथिला भाया,और वो यहां आकर हमारी सिया को अपनी धर्मपत्नी के रूप में अपनाया।

।हम बडभागी हैं कि मिथिला के पवित्र भूमि पर जन्म लिया जहां जन्म लेने के लिए भगवान भी लालायित रहते हैं।आज मिथिला मानस पाठ प्रतियोगिता का जिला बेगूसराय स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित था, जिसके निर्णायक मंडल में श्री केशव दास रामायणी , परीक्षा के संयोजक प्रो, पी, के, झा प्रेम तथा पटना से रुबी गौडी ने कई दौड़ के प्रतियोगिता में जिले भर से 36 प्रतिभागी में से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए 26 बच्चे का चयन किया, इन्हें कल आयोजित होने वाले केन्द्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए अधिकृत किया गया।

जिसमें प्रमुख हैं-आर्या,दीक्षा, आरती, शिवानी, शेजल, शामभवी, रानी कुमारी आदि।इस अवसर पर परिणाम पाश्चात् बच्चों को संबोधित करते हुए मिथिला मंथन के संयोजक प्रो पी के झा प्रेम ने कहा कि- बच्चों में शिक्षा से ज्यादा जरुरी है,कि-वो संस्कारित हो।और आज तो मातृशक्ति का दिवस है,सो सभी संकल्पित हो कि-आज से ही हम सभी पढाई के साथ मानस का भी पाठ नियमित रूप से करेंगे। बच्चों को संबोधित करते हुए पटना से पधारी निर्णायक मंडल में मातृशक्ति के प्रतिनिधितत्व करने वाली रुबी गौडी ने कहा कि उन्हें मिथिला और मिथिला के एक बच्चे बहुत सुंदर लगते हैं।सभी काफी संस्कारित हैं।

इस अवसर पर जिला बेगूसराय के अध्यक्ष रामकुमार कुंवर, महामंत्री अशोक कुमार राय, वरिष्ठ पदाधिकारी राम उद्गार चौधरी,अजित चौधरी, हरिद्वार मिश्र, रागिनी झा, स्वाती कुमारी,देव चौधरी गुजंन पाण्डेय,सिया पाण्डेयआदि उपस्थित थे।आज समारोह के आठवें दिन संध्या कालीन सत्र में भव्य मैथिली सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सहरसा से पधारी आशमि झा, खगड़िया से पधारी रागिनी झा, भागलपुर से व्यास मंटू झा ने अपने भजनों से श्रोताओं को देर रात तक झुमाते रहे। हारमोनियम पर पं, राजकिशोर सिंह,तवला पर बेनी माधव,बैजों पर राजीव, बांसुरी पर विकास,नाल पर विजय कुमार साथ दे रहे थे। इससे पूर्व आगत गायक एवं गायिका को मिथिला परम्परा के अनुसार चादर पाग और मानस भेंट किया गया।

