मिथिला में जन्म लेना परम सौभाग्य हैं,हम सभी परम सौभाग्यशाली हैं – आचार्य संजय शास्त्री

भगवानपुर (बेगूसराय) प्रखंड क्षेत्र के सीमा पर अवस्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर आलापुर में आयोजित दस दिवसीय जानकी जन्म महोत्सव के चौथे दिन सुबह से ही यज्ञ,हवन,भजन के बीच संध्या कालीन सत्र में कथा वाचक के दौरान आचार्य संजय शास्त्री जी ने उपस्थित श्रोताओं को अपने उद्बोधन से मंत्र मुग्ध करते हुए कहा कि कलयुग में एकमात्र आधार राम नाम ही काफी है।

और हम तो परम सौभाग्यशाली हैं कि हमने मिथिला के पवित्र भूमि पर जन्म लिया, जहां स्वयं जगत जननी मां जानकी पृथ्वी से उत्पन्न हुई।आज हम उन्हीं का जन्म महोत्सव के रुप में मना रहे हैं।आप सभी उसका भरपूर आनंद ले।यह दस दिवसीय जानकी जन्म महोत्सव एक मई से शुरू होकर दस मई तक चलेगा, जिसमें धार्मिक, अध्यात्मिक ज्ञान, दर्शन और मानस पाठ प्रतियोगिता आयोजित है।

प्रत्येक दिन शाम में भव्य संकीर्तन और प्रवचन का आयोजन किया जा रहा हैं, जिसमें प्रमुख वक्ता और भजन गायक अपनी प्रस्तुति देते हैं।संध्या कालीन सत्र में ही व्यास जी पं,मंटू बाबू के श्री मुख से भजन संध्या का शुभारंभ हुआ, जिसमें आगे चन्द्र शेखर मिश्र, रागिनी झा आदि ने भी अपने अपने भजन प्रस्तुत कर लोगों को झुमाते रहे।

तबले पर विजय जी साथ दे रहे थे।परोहित में पं, विकास झा,पं,धनेश मिश्र,पं, सीताराम चौधरी, हरिद्वार मिश्र, प्रिया रानी, स्वाती,कौशल चौधरी,अजीत चौधरी,वरुण मिश्र आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मिथिला सेवी प्रो पी के झा प्रेम ने किया।