श्रीमद् भागवत कथा में जय कन्हैया लाल के जयकारों से गूंज उठा पंडाल

मंसूरचक से आशीष भूषण झा की रिपोर्ट

मंसूरचक (बेगूसराय)कथा व्यास से मिथिला के सुप्रसिद्ध कथा वाचक कृष्ण मूर्ति ललन शास्त्री जी महाराज ने कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। मध्यविधालय समसा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे।

इस मौके पर कथा कृष्ण मूर्ति ललन शास्त्री जी महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में अच्छे व बुरे दिन प्रभु की कृपा से ही आते हैं। उन्होंने कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।उन्होंने बताया कि जिस समय भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, जेल के ताले टूट गये,पहरेदार सो गये। वासुदेव व देवकी बंधन मुक्त हो गए। प्रभु की कृपा से कुछ भी असंभव नहीं है। कृपा न होने पर प्रभु मनुष्य को सभी सुखों से वंचित कर देते हैं।

भगवान का जन्म होने के बाद वासुदेव ने भरी जमुना पार करके उन्हें गोकुल पहुंचा दिया। वहां से वह यशोदा के यहां पैदा हुई शक्तिरूपा बेटी को लेकर चले आये। कृष्ण जन्मोत्सव पर नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत पर भक्त जमकर झूमे। अंत में उन्होंने बताया कि मनुष्य भगवान को छोड़कर माया की ओर दौड़ता है। ऐसे में वह बंधन में आ जाता है। मानव को अपना जीवन सुधारने के लिए भगवत सेवा में ही लीन रहना चाहिए।

कथा में पूर्व प्रमुख शेषभूषण दत्त झा, बहरामपुर पंचायत के मुखिया धर्मवीर सिंह कुदंन, नंदकिशोर सिंह, रामवृक्ष सिंह, हरे कृष्ण साह, मनोज कुमार साह, मुकेश कुमार झा गुड्डू ,अभय भूषण पोद्दार मुन्ना, नंदन,रवि कुमार सिंह, अनिकेत, जगमोहन,बबलू महतो ने व्यासपीठ से आशीर्वाद लिया। वहीं गायक दीपक कुमार सिंगर के भजनों पर भक्तजन खूब झूमे।देर। रात तक भी काफी संख्या में कथा का रसपान कर रहे हैं।