रंजीत कुमार डे की रिपोर्ट
पटना :- किसानों को उपज का अधिक लाभ दिलाने, अनाज के संरक्षण , जागरुकता व जीवनशैली की बेहतरी के लिए कार्य कर रही बिहार की स्टार्ट अप एर्गोस की ओर से आज एक हाइटेक एलइडी मोबाइल वैन फ्लैग आॅफ कर गांवों की ओर रवाना किया गया। पहले चरण में यह वैन भागलपुर, समस्तीपुर व मुजफ्फरपुर के किसानों के बीच काम करेगा, फिर प्रदेश के अन्य हिस्सों के किसानों के बीच जागरुकता फैलायेगा।एर्गोस की ओर से सूचना और शिक्षा का यह अभियान प्रारंभ किया गया है। यह अभियान प्रौद्योगिकी और शिक्षा के संयोजन के अभिनव तरीकों का उपयोग मनोरंजक तरीकों से करेगा जैसे कि लाइव मोबाइल ऐप डेमो, वैन में हाई टेक एलईडी वॉल और नुक्कड़ नाटक। जिन किसानों ने एर्गोस ग्रेनबैंक ऐप को अपनाया है और अपना अनाज एर्गोस ग्रेनबैंक में जमा किया है, उनकी आय में पिछले साल 30-50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

यह एक बहुत ही आसान और इंटरैक्टिव तकनीकी मंच है जो किसानों को मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने अनाज के स्टॉक का प्रबंधन करने की सुविधा देता है। वे अपने अनाज के बदले बैंक से ऋण ले सकते हैं और इसे एक क्लिक में सर्वोत्तम दरों पर बेच सकते हैं। एर्गोस द्वारा शुरू की जा रही विभिन्न पहलों के साथ किसान की कृषि आय 50 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। रबी सीजन शुरू हो चुका है। विभिन्न पहल के बारे में किसानों को उनके दरवाजे पर जोड़ने और सूचित करने के लिए, एर्गोस ने एलईडी के साथ एक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई है। यह ग्रामीण इन्फोटेनमेंट का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह वैन टेक प्लेटफॉर्म, एर्गोस द्वारा विकसित ग्रेनबैंक के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने के बारे में दोनों सूचनाओं को पूरा करेगा, साथ ही नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मनोरंजक तरीके से शिक्षा के रूप में काम करेगा।

इस मौके पर श्री आशुतोष सिन्हा, बिजनेस हेड, एर्गोस बिजनेस सॉल्यूशंस प्रा लिमिटेड, ने बताया कि , “यह मोबाइल वैन किसानों की जानकारी और उनके दरवाजे पर लाइव एंटरटेनमेंट के लिए है। यह, निश्चित रूप से उनमें विश्वास पैदा करेगा, और इस तरह, प्रमुख एग्रीटेक ब्रांड, एर्गोस के साथ मजबूत संबंध बनाएगा।इस संबंध में श्री किशोर झा, सीईओ और निदेशक, ने कहा कि हम अपने तकनीक सक्षम ग्रेनबैंक पर विभिन्न पहल के माध्यम से किसानों की आय और उनकी जीवन शैली को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा, ब्रांड ‘‘आत्मनिर्भर भारत‘‘ और ‘‘किसानों की आय को दोगुना करने‘‘ की हमारे प्रधानमंत्री के पहल के अनुरूप है। यह मोबाइल वैन अंतिम छोर तक के किसानों तक लाइव सूचना प्रदान करने की पहल में से एक है।

उन्होंने आगे कहा, भारत में लगभग 86 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनके पास अपनी उपज को पर्याप्त रूप से स्टोर करने के लिए संसाधनों और जानकारी की कमी है, जिससे फसल के बाद अनाज की हानि होती है और साथ ही अनाज की गुणवत्ता में भी गिरावट आती है। एर्गोस का ‘‘ग्रेनबैंक‘‘ मॉडल किसानों को अनाज के एक बैग को स्टोर करने व निकालने की सुविधा प्रदान करता है। अनाज की एकसमान गुणवत्ता और भंडारित अनाज का डिजिटलीकरण इसे कुल मांग और आपूर्ति में मदद करता है।

उचित भंडारण के तरीके किसानों द्वारा अनुचित भंडारण से उत्पन्न होने वाले अनाज के नुकसान के जोखिम को समाप्त करता है।एर्गोस इसके साथ अपने अनाज का भंडारण करने वाले किसानों के लिए ऋण और बाजार लिंकेज की सुविधा भी प्रदान करता है। ऋण सुविधा का उपयोग करके, किसान तत्काल नकद प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें फसल के मौसम के दौरान अपनी उपज बेचने की जरूरत नहीं है, जब कीमतें सबसे कम होती हैं। वे बेहतर आय प्राप्त करने के लिए ऑफ-सीजन के दौरान अपनी उपज बेचने के लिए एर्गोस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। यह सब, ठीक उनके खेत पर! एर्गोस बिहार से होम ग्रोन स्टार्ट अप है और 2025 तक देश भर में 2 मिलियन से अधिक किसानों की सेवा करने और उनके लिए एक स्थायी आय बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है। आने वाले वर्षों में, हमारा लक्ष्य किसानों को खेतों पर सर्वोत्तम श्रेणी की सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है, और उनकी आजीविका में सुधार करके महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करना है।

