प्रखंड क्षेत्र में नल जल योजना हाथी के दीखने वाले दांत साबित हो रहे हैं

भगवानपुर ( बेगूसराय) सरकार की महत्वकांक्षी योजना के अंतर्गत नल जल योजना है। योजना के आरंभ काल से ही इस के बेहतर भविष्य पर लोग प्रश्न चिह्न लगा रहें थें कि यह योजना भी कहीं न कहीं बंदरबांट योजना न बनकर रह जाय। सरकार के द्वारा निर्धारित समय सीमा के पीछे छुट जानें के बाद भी प्रखंड क्षेत्र में कुछ जगह उक्त योजना पूर्ण नहीं हो पाया है तो कहीं चल भी रहीं है तो हांफते हुए।

कुछ वार्ड के लोग भाग्यशाली भी थे जिन्हें उक्त योजना के तहत नल–जल नसीब हो पाया, लेकिन जब कभी रिचार्ज समाप्त हो जाता है तो लोगों को फिर पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है , या फिर नल से कभी गंद्दा पानी गिरता है या फिर उससे छोटे छोटे किटाणु गिरते हैं या फिर मोटर के जल जानें के बाद भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है और डब्बा लेकर लोग निजी कम्पनी के यहां पानी खरीदने चलें जातें हैं ।

इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं रहता है। दृढ़ इच्छाशक्ति के अभाव में उक्त महत्वाकांक्षी योजना जो एक बेहतरीन योजना है अपनी शैशव काल में ही हांफती नज़र आ रही है। कहा जाता है जल ही जीवन है और उक्त योजना को जीवन के मद्देनजर ही धारातल पर उतारने का निर्णय लिया गया लेकिन यह योजना भी अन्य योजनाओं की तरह __? महेशपुर पंचायत के वार्ड संख्या 10 में लगे उक्त योजना ए अपने उद्घाटन करता की बाट जोह रही है।

अर्थात उक्त योजना का लाभ उक्त वार्ड के लोगों को अभी तक नहीं मिल पाया है कारण यह योजना पैदा होते ही असाध्य रोग से ग्रस्ति है । उक्त संबंध में उक्त वार्ड के वार्ड सदस्य सह उप मुखिया कौशल कुमार सहनी ने बताया कि उक्त योजना का निर्माण वार्ड क्रियान्वयन प्रबन्धन समिति के द्वारा कराया गया था जिसका निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है, उक्त कार्य जैसे तैसे किया गया है ।

कहीं पाईप फटा है तो कहीं अन्य तकनीकी गड़बड़ी है जिसकी शिकायत हम संबंधित पदाधिकारी कर चुके हैं बावजूद इसके अभी तक इसकी सूध लेने अभी तक कोई नहीं आया है वहीं उक्त वार्ड में लगे नल-जल योजना का मोटर जले 15 दिन बीत चुके हैं। अवस्थित योजना के भूमिदाता महेश सहनी ने बताया कि इसका मोटर विगत एक अप्रैल को ही जल गया जो पन्द्रह दिन बीत जानें के बाद भी ठीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मोटर जल जानें से लोग इसलिए परेशान नहीं हैं क्योंकि इसका पानी पीने तो क्या कपड़ा धोने लायक भी नहीं है।

वहीं उपमुखिया ने कहा कि उक्त योजना का निर्माण पीएचडी के द्वारा करवाया गया था। वहीं उक्त पंचायत के वार्ड संख्या 11 में लगे नल-जल योजना से इन दिनों गंद्दा पानी गिर रहा है, पूर्व में जल के साथ छोटे छोटे किटाणु भी गिर रहा था जो इन्सान का स्वास्थ्य खराब कर सकता था। इसका मोटर भी उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद जल गया था जिसे ठीक करने में समय लगा था इस दौरान वार्ड के लोगों को पानी के लिए इधर उधर भटकते देखा गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त योजना भी पीएचडी विभाग के द्वारा करवाया गया।

