प्रतिमा विसर्जन के साथ ही चार दिवसीय मेला का हुआ समापन

विसर्जन के दौरान पुलिस प्रशासन दिखे मुस्तैद

भगवानपुर से संवाददाता विजय भारती की रिपोर्ट

भगवानपुर (बेगूसराय) प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित ब्रह्म स्थान के प्रांगण में अवस्थित चैती दुर्गा मंदिर में चैत्र नवरात्र के अवसर पर स्थापित माता दूर्गा की प्रतिमा का मंगलवार की सुबह लगभग आठ बजे विसर्जन के उपरांत भक्तों ने मां को नम आंखों से दी विदाई । उक्त अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ हेतु स्थापित 251 कलश का विसर्जन प्रखंड मुख्यालय स्थित बलान नदी में कुमारी कन्याओं के द्वारा कर दिया गया, उसके उपरांत प्रतिमा विसर्जन जुलूस मंदिर परिसर से निकल कर भगवानपुर बाजार, दहिया,औगान होते हुए बनहारा पहुंचे, उसके बाद चार पहिया वाहन से माता की प्रतिमा को भक्तों के द्वारा तेघरा थाना क्षेत्र के अयोध्या गांव स्थित गंगा नदी के पवित्र जल में विसर्जित कर दिया गया।

इससे पूर्व सोमवार को देर रात उक्त अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भी समापन हो गया। इस दौरान कथा प्रेमी जहां कथा का रस पान कर रहें थें वहीं युवा और बच्चे चार दिवसीय मेला का भी आनंद ले रहे थे। पूजा के दौरान पुरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ था। उक्त अवसर पर पुजा समिति के अध्यक्ष प्रकाश साह सचिव अनिल महतो कोषाध्यक्ष रिकेश कुमार, अमीरलाल, अमरजीत महतो, मुनमुन झा, संजय चौधरी, गुड्डी चौधरी, जदयू नेता सुनील कुमार राय, रामाधार चौधरी पुरी आस्था और विश्वास के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर दिखें, वहीं प्रखंड क्षेत्र के गेहुंनी गांव स्थित चैती दुर्गा मंदिर में स्थापित माता दूर्गा का विसर्जन गेहुंनी गांव स्थित बलान नदी में की गई।

वहीं तेयाय ओपी क्षेत्र के काजीरसलपुर पंचायत स्थित चैती दुर्गा मंदिर में स्थापित माता दूर्गा का विसर्जन भी तेयाय ओपी प्रभारी राजेश कुमार ठाकुर के नेतृत्व में तैनात अन्य पुलिस बल के देखरेख में किया गया। यहां भी चार दिवसीय मेला आयोजित किए जाते हैं जिसमें प्रति वर्ष दर्शकों के मनोरंजन हेतु आल्हा ऊदल का नाच आयोजित किए जाते हैं, जो इस वर्ष भी आयोजित किए गए थे । विदित हो कि कोरोना काल के दौरान पीछले दो वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत नहीं किए गए।